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1 जुलाई से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, शुरुआती दौर में एडमिशन कराने पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली। लॉकडाउन (Lockdown) के चलते पिछले काफी अरसे से स्कूल-कॉलेज बंद हैं। कोरोना (Coronavirus) के बढ़ते मामलों को देख इन्हें दोबारा खोलने को लेकर अभी संशय है। मगर यूपी में 1 जुलाई से प्राइमरी स्कूल (Primary Schools) खोल दिए जाएंगे। ये आदेश बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने जारी किया है। हालांकि शुरुआती दौर में महज शिक्षक और स्कूल कर्मचारी आएंगे। बच्चे अभी स्कूल नहीं आएंगे।

बेसिक शिक्षा महानिदेशक के अनुसार शिक्षकों को 1 जुलाई से आना अनिवार्य होगा। शिक्षक और प्रधानाध्यापक स्कूल में रहकर जरूरी कामों को पूरा करेंगे। साथ ही शारदा अभियान के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का प्रवेश कराना होगा। शिक्षकों को बच्चों तक किताबें पहुंचाना और उनके यूनिफार्म बनवाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। जिससे स्कूल में पढ़ाई दोबारा शुरू होने पर बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो।

दिव्यांग बच्चों का कराना होगा एडमिशन
बेसिक शिक्षा महानिदेशक के निर्देशानुसार सामान्य छात्रों के अलावा दिव्यांग बच्चों (Disabled Children) के एडमिशन पर भी फोकस किया जाएगा। इस बार एडमिशन प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी को शामिल किया जा रहा है। इसलिए दिव्यांगों का दाखिला समर्थ एप के जरिए किया जाएगा। इतना ही नहीं शिक्षकों को गांव-गांव घूमकर ऐसे बच्चों को पंजीकृत भी करना होगा।

शिक्षकों को भी लेनी होगी ट्रेनिंग
बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ाया जा सके इसके लिए शिक्षकों को भी ट्रेनिंग  (Training) लेनी होगी। उन्हें दीक्षा एप के जरिए अपने स्किल्स को बेहतर करना होगा। ये एक लर्निग ऐप है। जिसे NCTE ने बनाया है। हर बोर्ड का स्टडी मटेरियल अलग-अलग चार भाषाओ हिंदी, संस्कृत, इंगलिश और उर्दू में उपलब्ध है। इसमें दिए गए मैटेरियल को पीडीएफ एवं अन्य फॉरमेट में समझकर शिक्षक बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकते हैं।



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