विजय दिवसः करगिल युद्ध के बारे में सबकुछ, जानिए कब-क्या हुआ
नई दिल्ली। आज से ठीक 20 साल पहले 26 जुलाई को भारतीय सेना ने करगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे से करगिल की सभी भारतीय चौकियों को छुड़वाकर जीत हासिल की। इसके बाद हर साल 26 जुलाई का दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है और करगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों को याद किया जाता है। यहां पर हम आपको करगिल युद्ध ( Everything about Kargil War ) से जुड़ी हर जानकारी से रूबरू कराने जा रहे हैं:
'Operation Vijay'#ArmyAviation Corps flew thousands of missions & performed diverse operational tasks during #OperationVijay thus ensuring resounding victory of the #Nation #20YearsOfKargilVijay pic.twitter.com/YGgETRzoQP
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) July 24, 2019
करगिल युद्ध
- करगिल युद्ध ( Everything about Kargil war ) जम्मू एवं कश्मीर के करगिल जिले में मई से लेकर जुलाई 1999 तक चला था।
- माना जाता है कि इस संघर्ष की रूपरेखा पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ ने रची थी और पीएम नवाज शरीफ को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
- यह लड़ाई तब शुरू हुई जब पाकिस्तानी सेना और आतंकियों ने भारत की सीमा में घुसपैठ की।
- घुसपैठियों ने खुद को कई महत्वपूर्ण और सुरक्षित स्थानों पर छिपा लिया था, जिससे उन्हें युद्ध शुरू होने पर रणनीतिक फायदा मिला।
- स्थानीय गड़रियों की सूचना के आधार पर भारतीय सेना इन घुसपैठियों की सटीक लोकेशन का अंदाजा लगा पाई और फिर सेना ने ऑपरेशन विजय चलाया।
'ऑपरेशन विजय'
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) July 23, 2019
छोड़ जाएँगे,
हम भी कुछ निशानियाँ,
सूखे पत्तों पर लिखी अनकही कहानियाँ।
We ‘Remember Sacrifice of Kargil Martyrs', ‘Rejoice Nation's Victory’ and ‘Renew Our Pledge’.#20YearsOfKargilVijay#IndianArmyhttps://t.co/69gfqfnpwA
विजय दिवस का आयोजन
- भारतीय सेना ने 26 जुलाई 1999 को ऑपरेशन विजय की सफलता की घोषणा की, जिसके बाद हर साल यह दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- हालांकि भारत को यह जीत आसानी से नहीं मिली और इसके लिए भारी कीमत भी चुकानी पड़ी। आधिकारिक
- आंकड़ों के मुताबिक इस युद्ध में भारत में 527 जानें गईं, जबकि पाकिस्तान में हुई मौतों का आंकड़ा 357 से 453 के बीच था।
- इस युद्ध से पहले ही पाकिस्तानी सैनिक और आतंकी ऊंचाई के सुरक्षित स्थानों पर तैनात हो गए थे, जिसके चलते लड़ाई के दौरान उन्हें फायदा मिला। वे आगे बढ़ती भारतीय सेना पर आसानी से फायर करने वाले स्थानों पर बैठे थे।
- इस युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने भारत के दो लड़ाकू विमान मार गिराए जबकि एक इस ऑपरेशन के दौरान क्रैश हो गया।
अमरीका की मदद
- इस युद्ध के बीच में पाकिस्तान ने अमरीका से भी बीच में पड़ने की गुहार लगाई, लेकिन तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने तब तक ऐसा करने से इनकार कर दिया जब तक पाकिस्तानी टुकड़ियां नियंत्रण रेखा से पीछे नहीं हट जातीं।
- जैसे ही पाकिस्तानी सैन्य टुकड़ियां पीछे हटीं, भारतीय सैन्य बलों ने बाकी बची चौकियों पर हमला बोल दिया और उन्हें वापस जीत लिया। भारतीय सेना ने आखिरी कब्जा 26 जुलाई को किया।
- शुरुआत में पाकिस्तान ने इस लड़ाई में किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया और कहता रहा कि भारत इस दौरान कश्मीर की आजादी की लड़ाई लड़ने वालों का सामना कर रहा था। हालांकि बाद में पाकिस्तान ने अपने सैनिकों को युद्ध के लिए पुरस्कार बांटें, जिससे युद्ध में इसकी भूमिका के संबंध में हर तरह की गलतफहमी दूर हो गई।
- करगिल युद्ध ( Everything about Kargil War Vijay Diwas ) के बाद से भारत ने अपने रक्षा बजट में इजाफा किया, लेकिन इससे खरीदारी में भी कई अनियमितताएं भी सामने आईं, जिनमें युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों के ताबूतों की खरीदारी भी शामिल थी।
वीरता पुरस्कार
| नाम | बटालियन | पुरस्कार |
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ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव |
18 ग्रेनेडियर |
परमवीर चक्र |
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लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय |
1/11 गोरखा राइफल्स | मरणोपरांत परमवीर चक्र |
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कैप्टन विक्रम बत्रा |
13 जेएंडके राइफल्स | मरणोपरांत परमवीर चक्र |
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राइफलमैन संजय कुमार |
13 जेएंडके राइफल्स | परमवीर चक्र |
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कैप्टन अनुज नैय्यर |
17 जाट रेजीमेंट | मरणोपरांत परमवीर चक्र |
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मेजर राजेश सिंह अधिकारी |
18 ग्रेनेडियर्स | मरणोपरांत महावीर चक्र |
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कैप्टन हनीफ-उद-दीन |
11 राजपूताना राइफल्स | मरणोपरांत वीर चक्र |
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मेजर मरियप्पन सरवनन |
1 बिहार | मरणोपरांत वीर चक्र |
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स्क्वैड्रन लीडर अजय आहूजा |
भारतीय वायुसेना | मरणोपरांत वीर चक्र |
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हवलदार चुनी लाल |
8 जेएंडके | वीर चक्र |
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