दक्षिण अफ्रीका: संसदीय चुनाव में सत्तारूढ़ अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस को जीत, पिछली बार के मुकाबले घट गईं सीटें
जोहान्सबर्ग। दक्षिण अफ्रीका की सत्तारूढ़ अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) को बड़ी राहत मिली है। पार्टी ने 57.51 प्रतिशत वोट हासिल कर देश के आम चुनाव में जीत दर्ज की है। स्वतंत्र चुनाव आयोग (आईईसी) ने यह घोषणा की। शनिवार देर शाम आए नतीजों के मुताबिक विपक्षी डेमोक्रेटिक अलायंस (डीए) 20.76 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा जबकि इकोनॉमिक फ्रीडम फाइटर्स (ईएफएफ) ने 10.79 प्रतिशत वोट हासिल किए। स्वर्गीय नेल्सन मंडेला के बाद यह अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस का सबसे खराब चुनावी प्रदर्शन था। 1994 में देश के पहले स्वतंत्र चुनाव के बाद पार्टी पहली बार सत्ता में आई थी।
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अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस को जीत
जीत के बाद अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस कायकर्ताओं के हौसले बुलंद है। एएनसी नेता सिरिल रामफोसा का कहना है उनका लक्ष्य भ्रष्टाचार से लड़ना है। फरवरी 2018 में घोटाले के आरोपी जैकब ज़ुमा की जगह अफ्रीकन नेशनल कांगेस के अध्यक्ष बनने वाले रामफौसा नेकहा है कि एएनसी मतदाताओं को फिर खुद से जोड़ेगी। बता दें कि अफ्रीकन नेष्नल कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और आवास, भूमि और सेवाओं में असमानताओं को दूर करने के एजेंडे पर चुनाव लड़ा था लेकिन इस बार उनका यह मिशन फुस्स होता हुआ नजर आ रहा है। अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस ने दक्षिण अफ्रीका की संसद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन उसके वोट का शेयर गिर गया। दक्षिण अफ्रीकी मीडिया के अनुसार मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग पार्टी के भ्रष्टाचार, घोटालों और नस्लीय असमानताओं से तंग आ गया है।
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गिरा वोट शेयर
शनिवार को अंतरिम परिणामों से पता चला कि सत्तारूढ़ पार्टी ने बुधवार के आम चुनाव में 57.51% वोट हासिल किए। एएनसी की जीत ने राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को पांच साल के कार्यकाल के लिए संसद में पर्याप्त सीटें दिलाईं, लेकिन उन्हें अब अपने प्रतिद्वंद्वियोंसे निपटना बड़ी चुनौती होगी। आईसी के चेयरपर्सन ग्लेन माशिनिनी ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों की रिकॉर्ड संख्या के बावजूद केवल 14 पार्टियां ही संसद में प्रवेश करेंगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार एएनसी 230 सीटों के साथ, डीए 84 सीटों के साथ और ईएफएफ 44 सीटों के साथ नेशनल असेंबली में वापसी करेगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी ममाबोलो ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका का छठा लोकतांत्रिक चुनाव सबसे जटिल रहा।
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