पत्रिका कीनोट सलोन में बोले संग्राम सिंह, मौका है खुद को बदलिए और खुद को पहचानिए
नई दिल्ली। पत्रिका कीनोट सलोन में गुरुवार को इंटरनेशनल रेसलर और एक्टर संग्राम सिंह ने कहा यह वक्त किसी वरदान से कम नहीं है। महामारी ने हमें यह सुनहरा मौका दिया है कि अपने को कैसे बदलें। प्रकृति इतना परेशान हो गई थी कि उसने हम सभी को बदलने का एक अवसर दिया है। जबतक आप आपने अंदर के इंसान को नहीं पहचान पाएंगे तबतक आप किसी से मिल भी लेंगे तो कोई फायदा होने वाला नहीं है।
संग्राम सिंह पत्रिका कीनोट सलोन में फिट रहोगे तो हिट रहोगे पर पत्रिका के फेसबुक पेज पर पाठकों और दर्शकों को जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, जीवन की पहली प्राथमिकता शरीर है, इसके लिए योग करना बेहद जरूरी है। इम्युनिटी मजबूत करके ही हम कोरोना महामारी को भगा सकते हैं। हमारे देश में इम्युनिटी तो पहले से मजबूत हैं। भारत में कई देसी नुस्खे हैं जो हमें मजबूत रखने में सहायक होते हैं। साथ ही मौसम भी हमारे लिए अनुकूल रहता है।
कोरोना से लड़ने के लिए संग्राम के टिप्स
-सुबह उठकर एक गिलास गर्म पानी पीना, फिर दो मिनट बाद आधा चम्मच हल्दी डालकर फिर एक गिलास गर्म पानी पीना और उसके दो मिनट बाद तीसरा गिलास गर्म पानी।
- नारियल और तिल के तेल को मुंह में डालकर कुछ देर तक गरारे करना।
- इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए हर रोज शीर्षासन करें।
- शीर्षासन नहीं करने पर हलासन प्रणायाम जरूर करें।
- हर दिन अनुलोम-विलोम और कपालभाति जरूर करें।
- फ्रिज का पानी न पिएं और न ही बासी खाना खाएं।
- शाकाहारी रहें और विटामिन सी वाले फल खाएं।
- जल नेती कर सकते हैं, तो जरूर करें
- वज्रासन प्रणायाम को जीवन में उतारे
- कोरोना से डरने की जरूरत नहीं, सावधानी की जरूरत है
जो खड़ा नहीं हो सकता था, वो पहलवान कैसे बन गया?
देखिए दुनिया वाले अपके सपनों पर हस नहीं रहे हैं तो आपका सपना छोटा है। आप अपने सपनों को बड़ा करो, सपनों की तरफ भागो, भाग नहीं सकते तो चलो..चल नहीं सकते तो बैठ जाओ..बैठ नहीं सकते तो लेट जाओ। मैं बिना बैसाखी चल नहीं पाता था, डॉक्टरों ने साफ मना कर दिया था कि ठीक हो पाउंगा। पहली बार सात साल की उम्र में अखाड़े में गया तो वहां से भगा दिया गया। कहा गया कि तुम ठीक से खड़े ही हो जाओ, बहुत है। लेकिन यही वो मौका था, जिसने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मेरी मां ने मेरा पूरा साथ दिया और आज आप सबके सामने हूं। जिसे सबने लड़ने लायक भी नहीं माना, वही आपके सामने जीतकर खड़ा है।
डर खत्म कीजिए, वहीं से जीत शुरू होती है?
देखिए मेरा पैशन रेसलिंग है.. भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहिए..भीड़ की वजह बननी चाहिए। सफलता और बहाने और साथ नहीं चलते, इसलिए दोनों एक साथ नहीं चल सकते हैं। कठोर मेहनत ही सफलता की सीढ़ी है, इसके अलावा कोई किस्मत नहीं होती है।
(पूरा वीडियो देखने के लिए क्यूआर कोड स्केन करें या फिर शॉर्ट यूआरएल टाइप करें।)
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal
Read The Rest:patrika...
No comments