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कठुआ रेपकांड: एसआईटी पर फर्जी गवाह तैयार करने का लगा आरोप, अब दर्ज होगी FIR

श्रीनगर। हिंदुस्तान को झकझोर कर रख देने वाले कठुआ रेपकांड में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, इस मामले की जांच करने वाली एसआईटी पर अब एफआईआर दर्ज होने जा रही है। आरोप है कि राज्य क्राइम ब्रांच की छह सदस्यीय स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) ने इस केस में फर्जी गवाह तैयार किए और उन्हें गैरकानूनी ढंग से हिरासत में भी रखा। एसआईटी ने उन फर्जी गवाहों को मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित भी किया।

एसआईटी के इन छह सदस्यों पर दर्ज होगी एफआईआर

कोर्ट ने अब इस मामले में एसएसपी जम्मू को एफआइआर दर्ज करने और सात नवंबर तक आदेश का पालन कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। आपको बता दें कि कठुआ मामले में क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने सचिन शर्मा, नीरज शर्मा और साहिल शर्मा को भी अपना गवाह बनाया था, लेकिन इन तीनों ने एसआईटी के सदस्यों पर फर्जी बयान देने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। तीनों ने सिटी जज की कोर्ट में एक आवेदन दायर कर एसआइटी के सदस्य पूर्व एसएसपी क्राइम आरके जाला, एडिशनल सुप¨रटेंडेंट ऑफ पुलिस क्राइम ब्रांच पीरजादा नावेद, डीएसपी क्राइम ब्रांच शितांबरी शर्मा, नासिर हुसैन, उरफान वानी और केवल किशोर के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की थी।

फर्जी गवाहों से दिलवाए गए फर्जी बयान!

इस शिकायत में एसआईटी के सदस्यों पर आरोप लगा था कि उन्हें विशाल जंगोत्रा के खिलाफ फर्जी बयान देने के लिए मजबूर किया। वहीं, उन्हें गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में रखा और शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित भी किया। तीनों आवेदनकर्ताओं ने कहा कि उक्त जांच अधिकारियों ने साजिश के तहत विशाल को फंसाया और उसके खिलाफ फर्जी सुबूत तैयार कर उनसे सीआरपीसी की धारा-164 के तहत जबरन बयान दर्ज कराए।

क्या है कठुआ रेपकांड

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में जनवरी 2018 को 8 साल की बच्ची के साथ रेप किया गया था। रेप कर बच्ची की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आठ लोगों पर आरोप साबित हुए थे। बाद में इनमें से छह को दोषी करार दे दिया था। फिलाहल ये मामला पठानकोट की एक अदालत में छल रहा है। एक नाबालिग होने पर उसके खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में मामला चल रहा है, जबकि विशाल को बरी किया जा चुका है।



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