आप विधायक अलका लांबा ने फिर कही पार्टी छोड़ने की बात, जल्द करेंगी ऐलान
नई दिल्ली। दिल्ली में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव ( delhi Assembly Election ) नजदीक आ रहे हैं वैसे - वैसे राजनीतिक दलों की हलचल बढ़ती जा रही है। ऐसी ही हलचल दिल्ली में सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी में भी देखने को मिली। चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी ( Aam Admi Party ) की विधायक अलका लांबा ( AAP MLA alka lamba ) ने एक बार फिर पार्टी छोड़ने की बात कही है।
दरअसल अलका लांबा और पार्टी नेतृत्व के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है। लांबा पहले भी कई मौकों पर अपनी ही पार्टी के फैसलों पर सवाल उठाती रहीं हैं।
एक बार फिर अलका लांबा का बयान आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने इस बार पार्टी छोड़ने के लिए मन बना लिया है और इसको लेकर जल्द ही वे घोषणा कर सकती हैं। हालांकि उनके इस बयान को आप ने सुर्खियां बंटोरने का तरीका करार दिया है।
जम्मू-कश्मीर: विधानसभा चुनाव की आहट से सियासी दलों के नेता परेशान, तैनात होंगे 25 हजार और जवान
अलका की परेशानी
चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा की मानें तो उन्हीं की पार्टी ने उन्हें कई मौकों पर अपमानित करने का काम किया है, जो अलका के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। अलका के मुताबिक ना तो उन्हें पार्टी की मीटिंग में बुलाया जाता है और ना ही उनसे कोई सलाह ली जाती है।
अलकाः 4 अगस्त को करूंगी फैसला
अलका ने कहा कि मैं 20 साल कांग्रेस में रही और वहां भी संघर्ष किया लेकिन आम आदमी पार्टी में मुझे सम्मान नहीं मिला।'
लांबा ने कहा,यही वजह है कि ' मैंने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया है और इसको लेकर मैं 4 अगस्त को फैसला करूंगी कि मुझे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना है या नहीं।'
आवंटित धन खर्च करना है लक्ष्य
लांबा के मुताबिक जिस दिन वे अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आवंटित किया गया धन खर्च कर लेंगी उसके अगले दिन पार्टी को अलविदा कह देंगी।
केजरीवाल सरकार का ऐलान, दिल्लीवासियों को 200 यूनिट बिजली फ्री
अलका के बयान पर 'आप' की प्रतिक्रिया
अलका लांबा के इस एक्शन पर आम आदमी पार्टी की ओर से भी रिएक्शन आया है। आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने इसे अलका लांबा का सुर्खियों में रहना का स्टंट मात्र बताया है।
भारद्वाज के मुताबिक, 'अलका लांबा खबरों में रहना चाहती हैं। उन्होंने पार्टी छोड़ने के बारे में पहले भी कई बार कहा है, लेकिन वह अपनी विधायकी खोने से डरती हैं।
लांबा को इस्तीफा ही देना होता तो वे पार्टी नेतृत्व को दे सकती थीं, यूं बार-बार इस पर चर्चा नहीं करतीं। मीडिया में इसकी घोषणा करना सिर्फ दिखावा है।
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में 2020 में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस छोड़कर आप का दामन थामने वाली अलका लांबा फिलहाल चांदनी चौक से पार्टी की विधायक हैं।
लेकिन पिछले कुछ वक्त से वे लगातार पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आवाज बुलंद करती रही हैं।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal
Read The Rest:patrika...
No comments