विश्व कप 2019 में अंपायरिंग पर कब-कब उठे सवाल?
नई दिल्ली। क्रिकेट विश्व कप 2019 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर इंग्लैड के सिर क्रिकेट इतिहास में पहली बार विश्व विजेता का खिताब सज गया है। इस टूर्नामेंट कई मौके ऐसे भी आए जब पूर्व खिलाड़ियों ने विश्व कप में खराब आयोजन का आरोप लगाते हुए आईसीसी को घेरा। वहीं इस टूर्नामेंट के कई मैचों में अंपायरिंग का सबसे खराब स्तर देखने को मिला।
हैनरी निकोलस को गलत आउट करार दिया
रविवार को विश्व कप के फाइनल में अंपायर ने न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज हैनरी निकोलस को पगबाधा आउट करार दिया। निकोलस अंपायर के फैसले से सहमत नहीं थे। इसके बाद उन्होंने रिव्यू लिया। जिसमें तीसरे अंपायर ने उन्हें नॉटआउट करार दिया।
दुर्भाग्यशाली तरीके से आउट करार दिए गए रॉस टेलर
न्यूजीलैंड के सीनियर बल्लेबाज रॉस टेलर विश्व कप के फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैच में अंपायर मरायस इरेसमस ने गलत आउट दिया। अंपायर इरेसमस ने रॉस टेलर पगबाधा आउट दिया था। बाद में हॉकआय में पता चला कि गेंद विकेट के काफी ऊपर से निकल रही थी।
जॉनी बेयरस्टो को आउट देने पर हुआ था विवाद
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए सेमीफाइनल मुकाबले में जॉनी बेयरस्टो को अंपायर धर्मसेना कैच आउट करार दिया। जिसके बाद जॉनी बेयरस्टो गुस्से में अंपायर के पास पहुंचे और उनके आउट करार देने की वजह पूछी। अंपायर ने कहा कि गेंद आपके बल्ले को छूकर गई है। वहीं रिप्ले में देखने को मिला की गेंद बल्ले के बहुत दूर से निकली थी। इसके बाद गुस्साए जॉनी बेयरस्टों ने अंपायर के साथ अभद्रता की। हालांकि बाद में उन्होंने ICC के मैच रेफरी के सामने माफी मांग ली थी।
महेंद्र सिंह धोनी को आउट देने को लेकर हुआ विवाद
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल मैच में महेंद्र धोनी को आउट देने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। एक भारतीय समर्थक ने मैच में न्यूजीलैंड की फील्डिंग का स्क्रीन शॉट लगाकर आरोप लगाया कि जब धोनी को रन आउट करार दिया गया उस समय न्यूजीलैंड से ज्यादा खिलाड़ी 30 गज के घेरे में फील्डिंग कर रहे थे। लेकिन इसकी किसी ने भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
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