दुनिया का सबसे ज्यादा खतरनाक हेलीकॉप्टरः अपाचे या एलीगेटर
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की टुकड़ी में शनिवार को Apache AH-64 (अपाचे) अटैक हेलीकॉप्टर शामिल हो गया। हालांकि दुनिया के सबसे खतरनाक अटैक हेलीकॉप्टर कहे जाने अपाचे को लेकर कुछ विरोधाभास भी हैं। वायुसेना के लिहाज से Kamov Ka-50 Alligator (एलीगेटर) को दुनिया का सबसे खतरनाक अटैक हेलीकॉप्टर बताया जा रहा है। ऐसे में दोनों की बारीकियां जानना बहुत जरूरी हो जाता है।
Kamov Ka-50 Alligator (कामोव KA-52 एलीगेटर)
काफी ऊंचाई और तेज रफ्तार में सक्षम एलीगेटर रूस द्वारा निर्मित दो सीट वाला अटैक हेलीकॉप्टर है। यह अपाचे की तुलना में ज्यादा ताकतवर माना जा रहा है। अपाचे की तुलना में एलीगेटर की एटी-शिप मिसाइल्स की रेंज कहीं ज्यादा है, जबकि इसमें अपाचे की ही तरह कवच और हवा से हवा में वार की भी क्षमता है। इसकी कीमत तकरीबन 16 मिलियन अमरीकी डॉलर बताई जा रही है।
Infographic: Kamov Ka-52 attack helicopter pic.twitter.com/ctLpGjiRe7
— Missilito (@Missilito) September 23, 2016
Boeing AH-64 Apache (बोईंग AH-64 अपाचे)
यह अटैक हेलीकॉप्टर हेलफायर मिसाइल्स, 70mm रॉकेट्स, अधिकतम 1200 शक्तिशाली विस्फोटकों वाली 30mm ऑटोमैटिक कैनन से लैस है। इसमें अत्याधुनिक राडार और निशाना साधने वाला सिस्टम लगा हुआ है। इसके वैकल्पिक स्टिंगर या साइडवाइंडर मिसाइल इसमें हवा से हवा में हमला करने में भी सक्षम बनाते हैं। इसकी कीमत तकरीबन 35.5 मिलियन अमरीकी डॉलर बताई जा रही है।
The Second Amendment is about ensuring the regulated militias of the States, which are defined by law as the National and State Guards, can defend the country against foreign threats.
— Alt. U.S. Press Sec. (@AltUSPressSec) March 30, 2018
Also, this is a Boeing AH-64 Apache Longbow. So... 😂😂😂 good luck with that. pic.twitter.com/bp2jwuhDpZ
| कामोव KA-52 एलीगेटर | बोईंग AH-64 अपाचे |
|
काफी ऊंचाई और तेज रफ्तार में सक्षम एलीगेटर रूस द्वारा निर्मित दो सीट वाला अटैक हेलीकॉप्टर है। यह अपाचे की तुलना में ज्यादा ताकतवर माना जा रहा है। अपाचे की तुलना में एलीगेटर की एटी-शिप मिसाइल्स की रेंज कहीं ज्यादा है, जबकि इसमें अपाचे की ही तरह कवच और हवा से हवा में वार की भी क्षमता है। इसकी कीमत तकरीबन 16 मिलियन अमरीकी डॉलर बताई जा रही है। एलीगेटर की फ्लाइट रेंज 520 किलोमीटर जबकि अधिकतम रफ्तार 310 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसका अधिकतम भार 10.8 टन यानी 10800 किलोग्राम है। 16 मीटर लंबा एलीगेटर पीछे की ओर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा जबकि दाएं या बाएं ओर 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से भाग सकता है। भविष्य की पीढ़ी वाले इस हर मौसम में हर वक्त काम करने वाले कॉम्बैट हेलीकॉप्टर को जमीन पर कवच वाले और बिना कवच वाले लक्ष्यों को भेेदने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सबसे आगे रहकर कम रफ्तार वाले हवाई लक्ष्यों, दुश्मन की सेना को भेदने के साथ ही सामरिक गहराई, टोही और लड़ाकू हेलीकाप्टरों के एक समूह को नियंत्रित करने में सक्षम है। इसमें हेलीकॉप्टर को छिपाने के उपकरण, रेडियोइलेक्ट्रोनिक सुरक्षा प्रणाली के साथ-साथ सक्रिय त्वरित कार्रवाई के उपकरण मौजूद होते हैं। एलीगेटर के जरूरी सिस्टम और यूनिट्स की सुरक्षा और डुप्लीकेशन किया जाता है। रोटरक्राफ्ट और ट्रांसमिशन गियर को अतिरिक्त सुरक्षा दी जाती है ताकि हमला होने की स्थिति में यह नष्ट न हों। इसका फ्यूल टैंक विस्फोट से सुरक्षित होने के साथ ही इसमें खुद से ही आग बुझाने की प्रणाली का उपयोग किया जाता है। हेलीकॉप्टर के भीतर ही इसके नियंत्रण उपकरण हैं और 15 दिनों तक यह खुद से काम कर सकता है। आपातकालीन परिस्थितियों में पायलटों की सुरक्षा के लिए इसकी सीटों में रॉकेट पैराशूट इजेक्ट सिस्टम दिया गया है। इससे किसी भी स्पीड, फ्लाइट मोड और ऊंचाई पर पायलट इसे छोड़कर बाहर निकल सकते हैं। इसमें मल्टीसेंसर साइटिंग सिस्टम लगा है जो ऑप्टिकल, इंफ्रारेड और राडार मोड के जरिये फील्ड की पूरी जानकारी देता है। हेलीकॉप्टर के रेडियोइलेक्ट्रोनिक उपकरण केवल एक ही दमदार सिस्टम में समाए हुए हैं जो युद्ध के मैदान में उड़ान नियंत्रण, नेविगेशन, हथियारों के नियंत्रण और अन्य हेलीकॉप्टर्स के साथ समन्वय के अत्यधिक-स्वचालित प्रदर्शन की छूट देता है।
|
यह अटैक हेलीकॉप्टर हेलफायर मिसाइल्स, 70mm रॉकेट्स, अधिकतम 1200 शक्तिशाली विस्फोटकों वाली 30mm ऑटोमैटिक कैनन से लैस है। इसमें अत्याधुनिक राडार और निशाना साधने वाला सिस्टम लगा हुआ है। इसके वैकल्पिक स्टिंगर या साइडवाइंडर मिसाइल इसमें हवा से हवा में हमला करने में भी सक्षम बनाते हैं। कीमत तकरीबन 35.5 मिलियन अमरीकी डॉलर बताई जा रही है। इसकी रेंज 476 किलोमीटर है। अपाचे की अधिकतम रफ्तार 284 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसका अधिकतम भार 10.4 टन यानी 10400 किलोग्राम है। 17.73 मीटर लंबे अपाचे की ऊंचाई 4.64 मीटर है। अमरीकी अपाचे का पहली बार निर्माण 1983 में किया गया था। दो हाई-पर्फामेंस टर्बोशाफ्ट इंजन वाला अपाचे टू सीटर हेलीकॉप्टर है।निर्माण कंपनी बोईंग कंपनी का दावा है कि अपाचे दुनिया का सबसे अत्याधुनिक मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। टार्गेट को लोकेट, ट्रैक और अटैक करने के इसमें लेजर, इंफ्रारेड, केवल टार्गेट को ही देखने, पायलट के लिए नाइट विजन सेंसर समेत अन्य आधुनिक तकनीक दी गई हैं। इनमें हर मौसम और रात में दूर के लक्ष्यों पर बिल्कुल सटीक निशाना लगाने की क्षमता हैै। इतना ही नहीं अपाचे बिना पहचान में आए रुके या चलते-फिरते लक्ष्यों तो भांप सकता है। एक मिनट से भी कम वक्त में 128 लक्ष्यों से होने वाले खतरे को भांपकर उन्हें प्राथमिकता के साथ बता देता है। अपाचे के अत्याधुनिक सेंसर्स नेटवर्किंग-डिजिटल कम्यूनिकेशन से जुड़े होते हैं जो युद्ध क्षेत्र की पूरी स्थिति, तस्वीरें, लक्ष्यों के ठिकानें आदि की रीयल टाइम जानकारी ग्राउंड कमांडर्स को भेजते रहते हैं।
|
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal
Read The Rest:patrika...

No comments