ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक हरिंदर सिद्धू ने ईवीएम को बताया बेहतर व्यवस्था, वीवीपैट सार्थक पहल
नई दिल्ली। भारत में ईवीएम के जरिए मतदान कराने की व्यवस्था को विपक्षी दल के नेता लंबे अरसे से विरोध कर रहे हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया की राजनयिक हरिंदर सिद्धू ने इसे एक बेहतर व्यवस्था बताया है। उन्होंने कहा है कि भारत में ईवीएम के जरिए चुनाव कराने की व्यवस्था को जानने और परखने का अनुभव प्रेरणादायी अनुभवों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत में कई करोड़ लोग मतदान करते हैं। ऐसे में बैलट पेपर के जरिए मतदान कराना वास्तव में दुश्कर कार्य हो सकता है।
Australia's Envoy to India, Harinder Sidhu: It's been a really inspiring experience. How can you get so many people to voting? Answer is well-organised EC & its officials. It's a good system & organised. #LokSabhaElections2019 pic.twitter.com/Tuxsw7jBUR
— ANI (@ANI) May 12, 2019
वीपीपैट का विकास एक अच्छा कदम
उन्होंने कहा कि भारत में ईवीएम आधारित मतदान की अच्छी प्रणाली है। यह पूरी तरह से व्यवस्थित है। चुनाव आयोग और उनके कर्मचारियों ने लोकसभा चुनाव 2019 को कुशलतापूर्वक संपन्न कराकर सराहनीय काम किया है। ऑस्ट्रेलिया में ये सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक चुनावों में गड़बड़ी की बात है तो उससे बैलट पेपर व्यवस्था भी पूरी तरह से दोषमुक्त नहीं है। लेकिन गड़बडि़यों से बचने के लिए भारत ने वीवीपैट तकनीक का विकास का सराहनीय काम किया है।
Australia's Envoy to India, Harinder Sidhu: I'm really impressed with EVMs, we don't have those in Australia. I think even with paper ballots which we have in Australia, it's always a case where there's a risk to integrity in any system. VVPAT is actually a good development. https://t.co/wR5eVQ776Q
— ANI (@ANI) May 12, 2019
विरोध याचिका खारिज
आपको बता दें कि भारत में ईवीएम के जरिए मतदान का विपक्षी दलों के नेता विरोध करते हैं। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू सहित 21 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ मिलकर चुनाव आयोग से 50 फीसदी वीवीपैट पर्ची का मिलान ईवीएम से कराने की मांग की थी। चुनाव आयोग द्वारा इस मांग को खारिज करने के बाद विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट इस व्यवस्था को चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी दलों को झटका देते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
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