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दिल्लीवालों ने की चुनाव आयोग के अपील की अनदेखी, अब भुगतना होगा पांच साल!

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के छठवें चरण के लिए रविवार को मतदान हुआ। सात राज्यों के 59 सीटों पर शाम 6 बजे तक लगभग 59.70 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी के साथ अब देश की कुल लोकसभा सीटों के 89 प्रतिशत पर मतदान हो चुका है। जहां एक ओर लगभग हर चरण में पश्चिम बंगाल में बंपर वोटिंग हो रही है, तो वहीं इस चरण में राजधानी दिल्ली में उम्मीद से कम वोटिंग हुई है।

2014 के मुकाबले हुई कम वोटिंग

चुनाव आयोग की ओर से वोटिंग की अपील का असर शायद Delhites ने गंभीरता से नहीं लिया, तभी मतदान रविवार को होने के बावजूद भी इस बार 2014 के मुकाबले कम वोटिंग रिकॉर्ड की गई। शाम 6 बजे तक राजधानी दिल्ली की कुल सीटों पर 55.44 प्रतिशत वोटिंग हुई। यहां बताते चलें कि 2014 में 64 पर्सेंट से ज्यादा वोटिंग हुई थी।

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इस कारण हुई कम वोटिंग?

इस बार वोटिंग की कमी संभावित कारणों में से एक है कि इस बार मतदान से पहले शनिवार और रविवार की दो छुट्टियां थी। चुनाव आयोग की ओर से सुझाए स्लोगन 'सबसे पहले मतदान जरूरी, बाद में शिमला-मसूरी' को अनदेखा-अनसुना करते हुए, ज्यादातर ऑफिस-गोवर्स शुक्रवार को ही वीकेंड का मजा लेने शहर से बाहर चले गए। इसके अलावा 2014 में जबरदस्त मोदी लहर और सशक्त आम आदमी पार्टी की स्थिति ने भी भारी संख्या में वोटरों को मतदान के लिए प्रेरित किया था। हालांकि, इस बार यह जादू कम चला।



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